Quoted: Aaj Tak (On Trump)

आज तक 



"गलगोटिया यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख श्रीश पाठक पीएम मोदी की चुप्पी को कूटनीतिक और उचित मानते हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश नीति का सर्वाधिक प्रमुख चेहरा वहां का राष्ट्रपति होता है. भारत-अमेरिका संबंधों की महत्ता देखते हुए ट्रंप के बयान की स्पष्ट आलोचना न संभव है और न ही आवश्यक है. फिलहाल एक कूटनीतिक चुप्पी के अधिक लाभ है.

श्रीश पाठक ने कहा, 'ऐसा लगता है कि भारतीय विदेश विभाग ने कोई पहल जरूर की हो इस आशा से कि समाधान भारतीय पक्ष में अधिकाधिक संभव हो सके. लेकिन बात बनी न हो और ट्रंप ने अपनी भूमिका रेखांकित करने की गरज से एक बयान दिया हो ताकि ट्रंप के समर्थक इसे पसंद करें. गौरतलब है कि अगले वर्ष अमेरिका में चुनाव भी है. मोदी द्वारा किया गया कोई खंडन अंततः संबंधों में एक खटास ही लाएगा और भारत यह कत्तई नहीं चाहेगा.'

श्रीश पाठक का कहना है कि यह भी संभव है कि एक दूरगामी समझ बन गई हो और ट्रंप ने जिसकी ओर एक इशारा कर दिया हो. यह फिलहाल समय के गर्भ में ही है कि चीजें कैसे सामने आती हैं. इतना जरूर कहा जा सकता है कि कश्मीर एक मुद्दे के तौर पर आने वाले दिनों में प्रमुखता से अंतरराष्ट्रीय आकर्षण बन फिर उभरेगा."

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