JNU स्कूल नही, विश्व विद्यालय है ..!

कौन समझाए, यह विश्व विद्यालय है स्कूल नही है कि यहाँ कुछ घोंट के पिलाया-पढाया जाए....एक सच्चे अर्थों का लोकतंत्र है...हर तरह की विचारधारा के लिए जगह है, हाँ, ये अलग बात है, कि मीडिया सनसनी की खातिर केवल ऑफ़ बीट ख़बरों को प्रमुखता देती है....हूँ तो मै यहाँ सात साल से. मुझसे किसी ने नहीं कहा कि ये करो और ये मत करो....ए बी वी पी और एन एस यू आई की भी यहाँ उतनी ही हलचल है जितनी वाम पंथी संगठनों की....! हाँ, एक बात साफ़ कर दूँ, यहाँ कैम्पस में चुनाव वो मार्क्सवाद से नहीं जीतते हैं, अपने साल भर की मेहनत से जीतते है, अपनी सांगठनिक क्षमता से जीतते हैं, यहीं राइट विंग के संगठन मात खा जाते हैं, इसका मतलब ये नही कि किसी विचार धारा की हार-जीत हो जाती है. ...! मै हूँ बिलकुल दिल से राईट विंग का पर मुझे जे एन यू से प्यार है, क्योंकि मै जानता हूँ...यहाँ सच्चे अर्थों में लोकतंत्र है....!

#श्रीशउवाच
("in response of a person who doesn't like JNU on illogical basis.")

Comments

Popular posts from this blog

तितर-बितर मन : एक बड़बड़ाहट

क्या हम कभी इतने 'सभ्य' नहीं रहे कि 'हाशिया' ही ना रहे...?

“ सहज..2010..”